एक भाव...

एक बसेरा है सात समंदर पार, एक परिंदा है उड़ने को त्यार
ओ उपरवाले लिख दे उसकी किस्मत, प्यार और खुशियों  की कलम से 
भर दे वो सात रंग के हो जाए वो तेरे रंग, हर पल में हो तु उसके संग 
ऐसी है दुआ तुझसे की जो आये कोई दुःख और दर्द का आलम तो वो हो मेरे दरवाजे 
ले लेना मुझसे मेरी भी रोशनी जो हो अँधेरे का अंदेशा






ओ समंदर के लहर  ले ले मुझे भी तू अपनी आगोश में के अब तो ये शाम फिर ले आई रात का संदेशा  है.....   

Comments

Popular posts from this blog

Catalyst

A peek into darkness

💘Love or Ego 😈